प्रिय दादाजी,
सादर प्रणाम। मैं यहाँ कुशल हूँ और आशा करता हूँ कि आप भी कुशल होंगे। पिछले हफ्ते से हमारी संस्कृत की कक्षा शुरू हुई है। शुरू में मुझे यह कठिन लगा, परन्तु अब थोड़ी समझ आ रही है।
विद्यालय में हमारे शिक्षक ने सन्धि के नियम पढ़ाए। मुझे यह सबसे रोचक लगा। मैं अगले महीने आपसे मिलने आऊँगा।
आपका प्रिय,
आरव